रानीखेत की खूबसूरत वादियां जहाँ

समुद्र तल से 1870 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह हिल स्टेशन उत्तराखंड में सबसे प्रसिद्ध हिल स्टेशनों में से एक है। खेत से आप संपूर्ण हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं को बेहद ही आकर्षक रूप से देख सकते हैं। अल्मोड़ा जिले के अंतर्गत पड़ने वाले रानीखेत मैं कई मैं कई प्रकार की साहसिक मनोरंजन गतिविधियां भी निरंतर होती रहती हैं।

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2 रानीखेत के समीप के प्रमुख पर्यटन स्थल

उत्तराखंड में स्थित रानीखेत हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं को सदाबहार वनों से जोड़ता हुआ एक वन क्षेत्र है। पर्यटन के लिहाज से रानीखेत उत्तराखंड के सबसे अधिक प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां पर पर्यटक बर्फबारी के बीच कई प्रकार के साथ ही खेलों जैसे पैराग्लाइडिंग स्काईडाइविंग गोल्फ आदि मनोरंजक खेल खेल सकते हैं।

तो दोस्तों अगर आप रानीखेत जाना चाहते हैं और वहां के मौसम का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो हम आपको अपने लेख के माध्यम से रानीखेत के बारे में संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की कोशिश कर कर रहे हैं तो आइए शुरू करते हैं।

उत्तराखंड में स्थित रानीखेत की पौराणिक कथा

लोगों द्वारा कथित पौराणिक कथा के अनुसार राजा सुहेलदेव की पत्नी रानी पद्मिनी को यह जगह अत्यंत प्रिय थी। और वह यहां पर निरंतर रहना चाहती थी उसके लिए राजा सुहेलदेव ने रानी पद्मिनी के लिए एक भव्य महल का निर्माण यहां पर कराया था। परंतु वर्तमान समय में महल के कोई भी अवशेष उपलब्ध नहीं है तथ्यों के अनुसार या कहा जाता है कि अंग्रेजों ने अल्मोड़ा पर विजय प्राप्त करने के बाद किस स्थान पर स्थित महल को नष्ट कर दिया था और यहां पर अपने छावनी स्थापित की थी। और संपूर्ण सेना का नेतृत्व यहीं से किया करते थे। वर्तमान समय में भी यहां पर कुमाऊं रेजिमेंट की छावनी बनी हुई है। समय के साथ-साथ रानीखेत एक बेहद ही खूबसूरत हिल स्टेशन के रूप में विकसित होता गया।

रानीखेत के समीप के प्रमुख पर्यटन स्थल

रानीखेत में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल झूला देवी मंदिर

लगभग आठवीं शताब्दी में निर्मित इस मंदिर की मान्यता काफी दूर-दूर तक फैली हुई है। देवी दुर्गा को समर्पित या भव्य मंदिर अपने अंदर कई प्राचीन कहानियों को समेटे हुए हैं जिसको सुनकर यहां पर भक्त काफी अधिक संख्या में माता के दर्शन के लिए आते रहते हैं। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां पर सुसंगत ढंग से रखी हुई घंटियां जिसको देखकर सभी पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं l दोस्तों जब भी आप रानीखेत घूमने के लिए जाएं तो कुछ समय निकालकर झूला देवी मंदिर में मत्था टेकना ना भूलें।

रानीखेत के पास घूमने की प्रसिद्ध जगह चौबटिया बाग

इस स्थान की सबसे खास बात यह है कि यहां से आप हिमालय की विशाल पर्वत श्रृंखलाओं में से नीलकंठ नंद्घूनती और त्रिशूल की चोटियों के मनोरम दृश्य को यहां से आसानी से देख सकते हैं। इसके साथ-साथ यह बाग आड़ू खुबानी सेब और प्लाम जैसे फलों के लिए भी विख्यात है। चौपटिया बाग के ही निकट आपको सरकारी एप्पल गार्डन भी देखने को मिल जाता है।

रानीखेत के पास स्थित मनकामेश्वर मंदिर

भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर रानीखेत में स्थित सभी मंदिरों में से प्रमुख है। इस मंदिर के आसपास का दृश्य बड़ा ही मनोरम होता है। भगवान शिव को मानने वाले यहां पर काफी अधिक संख्या में आते हैं इस मंदिर को सभी मनोकामना को पूर्ण करने वाला मंदिर माना जाता है। इस मंदिर की स्थापना कुमाऊँ रेजीमेंट के द्वारा की गई थी इस मंदिर पर अधिकतर कुमाऊं रेजिमेंट के जवानों के सदस्य परिवार जन आते हैं।

रानीखेत के समीप स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनिला रानीखेत

मनिला रानीखेत अपने सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है इसके साथ-साथ यहां पर बहुत ही खूबसूरत प्राकृतिक नजारे पर्यटकों को देखने को मिल जाते हैं काफी अधिक संख्या में पर्यटक यहां की सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यताओं को देखने के लिए आते हैं यहां के निवासियों में अपनी संस्कृति और धर्म को लेकर विशेष सजग होते हैं। रानीखेत जब भी आप जाएं तो मनिला रानीखेत घूमना ना भूले यहां का प्राकृतिक परिवेश आपका मनमोहन लेगा।

रानीखेत का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आशियाना बाग

रानीखेत में स्थित आशियाना वाला देश का पहला बाद माना जाता है। यहां पर पर्यटकों के लिए विशेष प्रकार की सुविधाएं की गई है इन सुविधाओं में प्रमुख रूप से रंगीन फव्वारा खूबसूरत फूल बागान आदि प्रमुख है।इस बात में बैठकर आप हिमालय पर्वत माला की विशाल श्रंखला को खूबसूरती से देखते हुए आराम फरमा सकते हैं।

रानीखेत में प्रसिद्ध गोल्फ कोर्स

रानीखेत में स्थित गोल्फ कोर्स भारत के सबसे अच्छे और सुंदर गोल्फ कोर्स में से एक माना जाता है। यहां पर पर्यटक आसानी से पहुंच सकते हैं जो कि मुख्य शहर से केवल 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

इस गोल्फ कोर्स में कई प्रकार की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की जाती हैं। आप यहां अगर गोल्फ सीखना चाहते हैं तो बेहद ही कम खर्च पर सीख सकते हैं।

रानीखेत में प्रसिद्ध खेल पैराग्लाइडिंग

जी हां दोस्तों अगर आप पैराग्लाइडिंग का आनंद उठाना चाहते हैं और अभी तक आपने पैराग्लाइडिंग नहीं लिया है। रानीखेत से मात्र 12 किलोमीटर की दूरी पर पैराग्लाइडिंग का मुख्य केंद्र हैं। यहां पर पहुंचकर पर्यटक टेंडम पैराग्लाइडिंग या अकेले भी पैराग्लाइडिंग का लुफ्त उठा सकते हैं।

रानीखेत में स्थित वनस्पति और जीव जंतु

रानीखेत में अनेक प्रकार की दुर्लभ जड़ी बूटियों के साथ-साथ अल्पाइन वृक्षों और उनके फलों के लिए एक माकूल माहौल तैयार होता है। जिसके कारण यहां पर इन सब फलों और जड़ी बूटियों की बहुतायत संख्या में प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके अलावा यहां पर जीव जंतुओं में हिमालयन भालू हिरण तेंदुआ काला तीतर ग्रे बटेर आदि कई प्रजातियां पाई जाती हैं। रानीखेत यूं तो पूरी तरह से देवदार और अल्पाइन के देशों से घिरा हुआ है। यह स्थान एक तरफ हिमालय की पर्वत पर्वत श्रंखला और दूसरी तरफ घने जंगलों के बीच में स्थित है इस वजह से यहां का परिदृश्य अत्यंत मनमोहक और पर्यटकों को लुभाने वाला होता है।

रानीखेत का स्थानीय भोजन क्या है?

रानीखेत में अगर आप घूमने के लिए गए हैं तो हम आपको जानकारी दे दे कि यहां का स्थानीय भोजन जोकि स्थानीय होने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी काफी अधिक प्रचलित है वह है आलू दाल पकोड़ा। आलू दाल पकोड़ा के साथ-साथ आपको यहां पर तिब्बती चाइनीस और ट्रेडीशनल इंडियन फूड्स भी पूरी तरह से उपलब्ध है।इसके अलावा यहां पर प्राकृतिक हरी सब्जियों से बनी हुई साग भी काफी अधिक पसंद की जाती है।

रानीखेत का मौसम

रानीखेत की सबसे रोचक तथ्य यह है कि इसके एक तरफ पर विशाल हिमालय पर्वत श्रंखला और दूसरी तरफ घने देवदार के जंगल हैं इसके बीच में खूबसूरत रानीखेत बसा हुआ है। यहां का मौसम भारत के उत्तरी मैदान के अपेक्षा अधिक ठंडा होता है। सर्दियों में रानीखेत का तापमान -2 डिग्री सेंटीग्रेड तक चला जाता है। जबकि गर्मियों में या 15 से 25 डिग्री के मध्य ही होता है।

रानीखेत घूमने के लिए कब जाएं?

समय मार्च से जुलाई के मध्य का माना जाता है।इसके अलावा बर्फबारी के शौकीन पर्यटक लोग सर्दियों में भी काफी अधिक संख्या में यहां पर आते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में यहां पर लगभग प्रतिवर्ष बर्फबारी देखी जाती है।वर्षा ऋतु में घने जंगल होने के कारण यहां पर वर्षा भी अन्य क्षेत्रों की तुलना में कुछ ज्यादा होती है जिससे पहाड़ों पर पर्यटन के लिए प्रतिकूल परिस्थितियां उत्पन्न हो जाते हैं। पर्यटन के लिए रानीखेत का सबसे अच्छा समय दिसंबर से जनवरी और मार्च से जुलाई के मध्य का माना जाता है।

रानीखेत में होटल्स

चारों तरफ की प्राकृतिक वादियां यहां पर पर्यटकों को आकर्षित करती हैं और उनकी सुविधा के लिए यहां पर आपको लो बजट से लेकर हाय बजट तक के शानदार और लग्जरी सुविधाओं वाले होटल मिल जाएंगे।

इन होटलों में प्रमुख रूप से

Open view state Ranikhet

The Ranikhet continental

Hotel chevron rosemount Ranikhet

Yog homestay Ranikhet

Be berry camp Ranikhet

Parvati retreet hotel 

आदि प्रमुख रूप से हैं।

      रानीखेत कैसे पहुंचे?

दोस्तों अगर आप रानीखेत घूमने जाना चाहते हैं तो हम आपको जानकारी दे देगी रानीखेत सड़क ट्रेन और वायु मार्ग से भली प्रकार अन्य शहरों से जुड़ा हुआ है। आप यहां पहुंचने के लिए इन तीनों साधनों में से किसी भी साधन का प्रयोग कर सकते हैं।

ट्रेन के द्वारा रानीखेत कैसे पहुंचे?

ट्रेन के द्वारा रानीखेत अगर आप जाना चाहते हैं तो यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम है जो कि लखनऊ दिल्ली और मुंबई के रेलवे स्टेशनों से भली प्रकार से जुड़ा हुआ है। काठगोदाम से रानीखेत की दूरी 88 किलोमीटर है रेलवे स्टेशन के बाहर से आप स्थानीय प्राइवेट कैब या टैक्सी केसाधनों का प्रयोग करके आसानी से रानीखेत पहुंच सकते हैं।

बस के द्वारा रानीखेत कैसे पहुंचे?

बस के द्वारा अगर आप रानीखेत जाना चाहते हैं तो यह सड़क परिवहन के माध्यमों से अच्छी प्रकार से जुड़ा हुआ है। अल्मोड़ा दिल्ली और नैनीताल से नियमित बसें रानीखेत के लिए चलती हैं।

हवाई जहाज के माध्यम से रानीखेत कैसे पहुंचे?

दोस्तों अगर आप हवाई जहाज के माध्यम से रानीखेत पहुंचना चाहते हैं तो यहां का निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर हवाई अड्डा है जो 115 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है हवाई अड्डे के बाहर से आप प्राइवेट कैरियर टैक्सी के माध्यम से आसानी से रानीखेत पहुंच सकते हैं।

तो दोस्तों यह रही रानीखेत के बारे में विस्तृत जानकारी और वहां पर घूमने लायक कुछ अच्छी जगहों के बारे में हमें उम्मीद है कि आपको हमारा यह लेख आया होगा अपने दोस्तों को शेयर करना ना भूले और अपनी राय हमें अवश्य दें।

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