भगवान जगन्नाथ मंदिर पुरी के 10 ऐसे चमत्कार जिसे जानकर हर कोई भौचक्का हो जाता है।

Jagannath temple mage
जगन्नाथ पुरी,
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जगन्नाथ मन्दिर, पुरी

भगवान जगन्नाथ मंदिर कई चमत्कारों से भरा हुआ है। भगवान श्री कृष्ण को समर्पित यह मंदिर आज भी भारत में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मंदिर है। जगन्नाथ मंदिर के विषय में कुछ ऐसे चमत्कार हैं जिन्हें जानकर हम आश्चर्यचकित रह जाते हैं आइए 10 प्रमुख जगन्नाथ मंदिर के चमत्कारों के बारे में हम आपको बताते हैं।

भगवान जगन्नाथ का धड़कता हुआ दिल

भगवान कि जब इस मूर्ति की जगह नई मूर्ति रखी जाती है तो उस दिल को निकाल कर नई मूर्ति में स्थापित कर दिया जाता है और इस दौरान पूरी शहर की इलेक्ट्रिसिटी को ऑफ कर दिया जाता है ताकि कोई भी इंसान इस दिल को ना देख सके और अगर गलती से भी कोई इंसान इस दिल को देख लेता है तो उस इंसान की मृत्यु स्वता ही हो जाती है।

 जगन्नाथ पुरी के मंदिर का ध्वज हवा के विपरीत उड़ना

 दोस्तों आपने यह तो देखा होगा कोई भी झंडा हवा के दिशा में ही लहराता है लेकिन आपको बता दूं भगवान जगन्नाथ के मंदिर के ऊपर स्थापित ध्वज सदैव हवा के विपरीत दिशा में लहराता है अब ऐसा किस कारण से होता है इसका पता आज तक नहीं चल पाया । साथ ही इस झंडे को हर रोज बदलने का नियम है ऐसी मान्यता है अगर किसी कारणवश इस झंडे को नहीं बदला गया तो मंदिर अगले 18 सालों के लिए बंद हो जाएगा।

 जगन्नाथ मंदिर का प्रतिबिंब न बनना

 यह मंदिर 400000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है और इस मुख्य मंदिर की ऊंचाई लगभग 214 मंदिर के नीचे खड़े होकर इसकी छाया को देख पाना असंभव है। इसकी छाया में भी एक राज छुपा हुआ है इतना विशाल होने के बावजूद की परछाई सुबह दोपहर शाम कभी भी जमीन पर नहीं पड़ती मुख्य मंदिर के ऊपर भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र स्थित है ऐसा कहा जाता है कि आप कहीं भी खड़े हो आप को देख पाएंगे इससे ऐसा प्रतीत होगा कि बिल्कुल आपके सामने पूरी में कहीं भी खड़े हो आप इस चक्र को देख पाएंगे इस चक्र की बनावट कितनी अदभुत है कि आप किसी भी दिशा से इस चक्र को देखें आपको ऐसा प्रतीत होगा कि यह चक्र बिल्कुल आपके सामने ही है इसे नींद चक्र भी कहा जाता है यह चक्र अष्टधातु से निर्मित है जो कि अति पावन एवं पवित्र माना जाता है।

समुद्र की धारा का उल्टा प्रवाह

 समुद्र पुरी का रहस्य दोस्तों सामान्यता किसी भी समुद्र के किनारे हवा समुद्र से जमीन की और आती है और शाम के समय किसका विपरीत होता है लेकिन पूरी में इसका उल्टा होता है यहां पर हवा समुंद्र से जमीन की और ना जाकर बल्कि जमीन से समुद्र की ओर जाता है।

मंदिर के शीर्ष पर किसी भी पंछी का ना मंडराना

आमतौर पर ऐसा देखा गया है किसी भी मंदिर मस्जिद तथा किसी भी ऊंचाई वाले स्थान पर पक्षियों का बैठना आम बात है लेकिन जगन्नाथ मंदिर के ऊपर आज तक कभी भी किसी को उड़ते या उसके ऊपर बैठते नहीं देखा गया है यही वजह है कि मंदिर के ऊपर हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर की उड़ने पर मनाही है।

मंदिर के प्रमुख ध्वज को उल्टा चढ़ते हुए बदलना

आपको यह जानकर हैरानी होगी जगन्नाथ मंदिर में प्रतिदिन संध्या काल में मंदिर के ऊपर स्थापित यहां के पुजारियों द्वारा उल्टा चढ़ कर बदला पड़ता है जी हां आपने बिल्कुल सही सुना मंदिर में पुजारी को सीधा नहीं बल्कि उल्टा चढ़ना पड़ता है और नज़ारा इतना भव्य है तब सब देखते ही रह जाते हैं।

जगन्नाथ मंदिर का रहस्यमई पकवान

ऐसा माना जाता है कि फिल्मी दुनिया का सबसे बड़ा रसोई रसोई में 500 रसोईया और 300 सहकर्मी मिलकर भगवान जगन्नाथ के प्रसाद का निर्माण करता है इस रसोई से जुड़ा एक रहस्य ये है कि यहां चाहे लाखों भक्तों क्यों ना आ जाए कभी भी प्रसाद कम नहीं पड़ता लेकिन संध्या होने पर जैसे ही मंदिर का गेट बंद होने का वक्त होता है प्रसाद अपने आप खत्म हो जाता है यानी कि आज तक यहां पर प्रसाद कभी भी व्यर्थ नहीं हुआ है इसके अलावा मंदिर में जो प्रसाद का निर्माण होता है उसे पुरातत्व काल से प्राचीन विधि से बनाया जाता है प्रसाद को बनाने में मिट्टी का बर्तन का उपयोग किया जाता है याद में बनाया जाता है सातों बर्तनों को एक के ऊपर एक रखा जाता है और रोचक बात यह है कि सबसे ऊपर वाले बर्तन का खाना सबसे पहले पकता है।

मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही समुद्र की आवाज बंद होना

भगवान जगन्नाथ का मंदिर भगवान जगन्नाथ का मंदिर चार धामों में से एक माना जाता है दोस्तों मंदिर में प्रवेश करते देख सिंहद्वार है कहा जाता है कि सिंहद्वार के अंदर आपका कदम जब तक नहीं जाता तब तक आपके कान में समुद्र की ध्वनि सुनाई देती है लेकिन जैसे ही आप सिंह द्वार के अंदर कदम रखने की लहर की ध्वनि सुनाई देना बंद हो जाती है।

 जगन्नाथ पुरी के मुख्य मूर्ति में धड़कता हुआ दिल रखना

जगन्नाथपुरी में मुख्य रूप से तीन मूर्ति विराजमान है भगवान श्री कृष्ण बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा, जगन्नाथपुरी की मूर्ति को हर 12 साल में बदला जाता है पुरानी मूर्तियों की जगह पर नई मूर्तियां स्थापित किया जाता है। मूर्ति बदलने की प्रक्रिया में शहर की पूरी बिजली काट दी जाती है मंदिर के आसपास पूरी तरह से अंधेरा कर दिया जाता है और मंदिर के बाहर सीआरपीएफ की तैनाती की जाती है। एंट्री होती है पांडा यानी कि पुजारियों का ही एंट्री होता है जिन्हें मूर्तियों को बदलनी होती है ।

भगवान श्री कृष्ण का ह्रदय जगन्नाथ की मूर्ति के अंदर होना।

 ऐसी मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने अपनी देह का त्याग किया और उनका अंतिम संस्कार किया गया तो शरीर के एक हिस्से को छोड़कर उनका पूरा शरीर पंचतत्व को लिन हो गया था । ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण का दिल जिंदा इंसान के दिल की तरह आज भी धड़क रहा है। वह दिल आज भी सुरक्षित भगवान जगन्नाथ की मूर्ति की लकड़ी के बने प्रतिमा के अंदर रखा हुआ है जो कि निरंतर धड़कता रहता है।

दोस्तों यार है भगवान जगन्नाथ मंदिर के 10 प्रमुख चमत्कार हमें उम्मीद है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। हमारा यह लख अपने दोस्तों को शेयर करना ना भूले और हमें फेसबुक पेज पर ज्वॉइन करें।

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