बरसात के मौसम में घूमने लायक खूबसूरत जगहें

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बरसात के मौसम में घूमने लायक खूबसूरत जगहों के बारे में जानकारी

मानसून का मौसम लोगों के मन में एक नई उमंग लेकर आता है क्योंकि यह मौसम भारत में तपिश और गर्मी के मौसम के बाद आता है इस मौसम में लोग कई खूबसूरत जगहों पर घूमने जाने का प्लान बनाते हैं तो कई लोग बारिश से बचकर घरों में ही रहते हैं। कुछ लोग प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए बरसात के मौसम में ही घूमने फिरने का प्लान बनाते हैं जबकि कुछ लोग इस मौसम में ऑफ बीट प्लेस पर जाकर एकांत समय गुजारने के लिए घूमने का प्लान बनाते हैं।

जिज्ञासु लोग जो घूमने फिरने के शौकीन होते हैं वह इस मौसम में विशेष तौर पर प्लानिंग करते हैं आज हम आपको अपने आर्टिकल के माध्यम से आपको बरसात के मौसम में घूमने लायक कुछ प्रमुख जगहों के बारे में बताएंगे तो आइए देर न करते हुए शुरू करते हैं बरसात के मौसम में घूमने लायक कुछ प्रमुख जगहों के बारे में।

1 बरसात के मौसम में घूमने लायक सबसे अच्छी जगह दार्जिलिंग

दार्जिलिंग अपने चाय की खूबसूरत बागानों हरे भरे पेड़ पौधे पहाड़ और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भारत ही नहीं पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। बरसात के मौसम में यहां पर घूमना और भी खास हो जाता है क्योंकि यहां का मौसम और भी प्राकृतिक रूप से हरा भरा हो जाता है।

बरसात में यहां की यात्रा करने के लिए काफी अधिक संख्या में पर्यटक आते हैं यहां की विशेष दार्जिलिंग की टॉय ट्रेन विश्व की धरोहरों में शुमार है। बरसात का मौसम दार्जिलिंग को और अधिक खूबसूरत पर्यटन स्थल बना देता है जिसकी वजह से यहां पर काफी अधिक संख्या में पर्यटक बरसात में घूमने के लिए आते हैं।

अगर आप दार्जिलिंग की यात्रा पर हैं तो आप यहां की खूबसूरत प्रकृति को देखने के लिए हनीमून मनाने के लिए और परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए भी यहां पर आ सकते हैं।

दार्जिलिंग में घूमने लायक प्रमुख जगह

दार्जिलिंग में घूमने लायक प्रमुख जगहों में चाय बागान की यात्रा, दार्जिलिंग की प्रसिद्ध टॉय ट्रेन की सवारी, यहां की लोकल वस्तुओं की खरीदारी, मठ यात्रा, जापानी मंदिर, रॉक गार्डन, टाइगर हिल, शांति पेन गोंडा, बटेशिया लूप आदि प्रमुख है।

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दार्जिलिंग में मानसून का समय

दार्जिलिंग में मानसून का मौसम औसतन जून से सितंबर तक के बीच का होता है। इस मौसम में पर्यटक विशेष तौर पर दर्शनीय स्थलों और आकर्षक प्राकृतिक दृश्यों को देखने के लिए दार्जिलिंग आते हैं।

दार्जिलिंग में घूमने लायक खूबसूरत जगहें

विशेष

दार्जिलिंग में जून और सितंबर के मध्य भयंकर वर्षा होती है जिसकी वजह से कुछ पर्यटक गतिविधियां रोक दी जाती हैं जिनमें से यहां की मशहूर टॉय ट्रेन और केबल कार की सवारी को अस्थाई रूप से रोक दिया जाता है। तो हो सकता है कि अगर आप भयंकर बरसात के मौसम में दार्जिलिंग पहुंचे तो आपको इन दो सुविधाओं से वंचित होना पड़े।

दार्जिलिंग कैसे पहुंचे?

सड़क परिवहन के माध्यम से दार्जिलिंग कैसे पहुंचे?

सड़क परिवहन के माध्यम से अगर आप दार्जिलिंग जाना चाहते हैं तो सिलीगुड़ी से नियमित बस सेवाएं दार्जिलिंग के लिए चलती है आपको भारत के विभिन्न शहरों से पहले सिलीगुड़ी पहुंचना पड़ेगा सिलीगुड़ी से हीं आप दार्जिलिंग पहुंच सकते हैं।

हवाई जहाज के साधन से दार्जिलिंग कैसे पहुंचे?

हवाई जहाज के साधन से आप दार्जिलिंग पहुंचना चाहते हैं तो दार्जिलिंग का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा बागडोगरा हवाई अड्डा है जो कि दार्जिलिंग से 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से लगभग 4 घंटे की बस या टैक्सी की यात्रा के बाद दार्जिलिंग पहुंचा जा सकता है।

रेल यातायात के माध्यम से दार्जिलिंग कैसे पहुंचे?

दार्जिलिंग पर पहुंचने के लिए अगर आपने रेल मार्ग का चुनाव किया जाए है तो यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन है यहां से दार्जिलिंग की कुल दूरी लगभग 85 किलोमीटर की है न्यू जलपाईगुड़ी देश के सभी प्रमुख शहरों से रेल साधन से जुड़ा हुआ है।

जरूरी सूचना

दोस्तों अगर आप बरसात में घूमने का मन बना चुके है तो आप हमारी वेबसाइट के माध्यम से होटल बुकिंग और फ्लाइट बुकिंग कर सकते हैं यहां पर आपको travelpayout के माध्यम से बिग डिस्काउंट और सभी टिकट बुकिंग कंपनियों के रेट एक ही प्लेटफार्म के माध्यम से दिखाई देते हैं जिससे आप आसानी से सस्ते टिकट और रूम बुक कर सकते हैं हमारी वेबसाइट के साइड में और पोस्ट के नीचे आपको हमारीtravelpayout(aviasales) का डिस्प्ले शो हो रहा उस पर जाकर आप अपनी क्वेरी सर्च कर सकते हैं।

2 बरसात में घूमने की जगह पंचगनी

भारत के महाराष्ट्र राज्य में स्थित पंचगनी बरसात के मौसम में घूमने की सबसे जगह सबसे अच्छी जगहों में से एक है वैसे तो आप पंचगनी की यात्रा साल की किसी भी महीने में आसानी से कर सकते हैं लेकिन बारिश के मौसम में यह जगह और भी ज्यादा खूबसूरत हो जाती हैं।

पंचगनी समुद्र तल से 1335 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। बरसात के मौसम में इस जगह पर पहुंचकर नीचे के ढलानों का हरा भरा नजारा देखकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। अगर आप प्रकृति प्रेमी है तो पंचगनी आपके लिए स्वर्ग के समान महसूस होगा।

बरसात में घूमने की जगह पंचगनी फोटो
Elevated view of Panchagani of Satara, India.

पंचगनी में घूमने की जगह

पंचगनी विशेष तौर पर ट्रैकिंग और पैराग्लाइडिंग के लिए मशहूर हैं इसके साथ-साथ यहां पर कुछ छोटे परंतु प्राचीन दर्शनीय स्थल भी हैं जहां पर घूम कर आप पंचगनी के मौसम का आनंद उठा सकते हैं।

पंचगनी में मानसून का मौसम

पंचगनी में मानसून का मौसम औसतन जुलाई से सितंबर के मध्य का होता है यह जगह मानसून प्रेमियों के लिए बेहद खास जगह होती है यहां की तेज गर्मी के बाद जुलाई में जब बारिश शुरू होती है तो यहां का तापमान बहुत तेजी से नीचे की तरफ हो जाता है और कई प्रकार की नई वनस्पतियां और हरे-भरे परिदृश्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

पंचगनी कैसे जाएं?

सड़क परिवहन से पंचगनी कैसे जाएं?

सड़क परिवहन के माध्यम से अगर आप पंचगनी जाना चाहते हैं तो यह महाराष्ट्र के सभी शहरों से भली प्रकार से जुड़ा हुआ है । महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम की और निजी बसें यहां पर आसानी से आपको पहुंचा देंगे।

रेल परिवहन के साधन से पंचगनी कैसे जाएं?

अगर आप पंचगनी ट्रेन से पहुंचना चाहते हैं तो यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन पुणे रेलवे स्टेशन है पुणे से पंचगनी की दूरी 108 किलोमीटर की है। पुणे स्टेशन के लिए आपको नई दिल्ली बस और लखनऊ चेन्नई पूरी और जयपुर जैसे कई बड़े शहरों से आसानी से ट्रेनें मिल जाएंगे।

हवाई जहाज से पंचगनी कैसे पहुंचे?

हवाई जहाज से अगर आप पंचगनी जाना चाहते हैं तो यहां का निकटतम हवाई अड्डा लोहगांव हवाई अड्डा है जो महाराष्ट्र पुणे में बनाया गया है। पंचगनी से लोहे गांव हवाई अड्डे की दूरी 110 किलोमीटर की है लगभग 3 घंटे की यात्रा के बाद आप पंचगनी आसानी से पहुंच सकते हैं।

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3 बारिश में घूमने की प्रमुख जगह चेरापूंजी

चेरापूंजी दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा बारिश वाला क्षेत्र है। अगर आप बरसात के मौसम का आनंद लेना चाहते हैं तो किसी भी समय आप चेरापूंजी की यात्रा पर जा सकते हैं। विशेष तौर पर अगर आप बरसात में चेरापूंजी की यात्रा करेंगे तो यहां पर आपको काफी अधिक मात्रा में वर्षा दिखाई देगी।

चेरापूंजी शिलांग से मात्र 54 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जहां का नोहकालिकाई झरना काफी अधिक प्रसिद्ध है अगर आप चेरापूंजी यात्रा पर है तो आपको इस झरने यात्रा जरूर करनी चाहिए। यहां की मानसून ट्रैकिंग भी काफी अधिक प्रसिद्ध है इसके अलावा अगर आप यहां पर सेब का विशेष तौर पर स्वाद ले सकते हैं। अगर आप डाल चेरापूंजी की यात्रा पर हैं तो यहां की मेघालय चाय को पीना ना भूलियेगा ।

दार्जिलिंग की चाय से बेहद अलग होती है जिसका टेस्ट एक बार लेने के बाद आप इसे बार-बार पीने को मजबूर हो जाएंगे। इसके अलावा पहाड़ों के दलालों पर बने डबल डेकर ट्री पुलों का अनुभव भी आपको बेहद खास लगेगा। चेरापूंजी हनीमून मनाने वालों के लिए प्रकृति प्रेमी के लिए और वन्य जीव उत्साही व्यक्तियों के लिए एक बेस्ट पिकनिक स्पॉट है।

चेरापूंजी में आप विशेष तौर पर मानसूनी ट्रैकिंग नौका विहार और प्रसिद्ध दर्शनीय स्थलों की सैर आदि कर सकते हैं।

Nohkalikai waterfall in Cherrapunji (Sohra), Meghalaya, India

चेरापूंजी में घूमने लायक प्रमुख आकर्षण

चेरापूंजी में घूमने के लिए प्रमुख आकर्षणों में मवस्माई केव, लिविंग रूट ब्रिज, मवदोक घाटी, सेवन सिस्टर फॉल्स, नोहकलिकाई फाल्स आदि प्रमुख जगहें है जहां आप घूमकर इस जगह की खूबसूरती का आनन्द ले सकते है।

चेरापूंजी में मानसून का समय

चेरापूंजी फौजी में मानसून का समय जून से सितंबर के मध्य का होता है यहां पर सितंबर से मई तक की पर्यटकों के लिए विशेष तौर पर सुविधा होती है। परंतु इस मानसून के समय यहां पर जनजीवन पूरी तरह से ठप हो जाता है क्योंकि इन 3 महीनों में चेरापूंजी में वर्षा औसत से काफी अधिक होती है जिससे कि यहां का जनजीवन पूरी तरह से ठप हो जाता है।

विशेष

अगर आप वर्षा ऋतु का आनंद लेना चाहते हैं तो चेरापूंजी वर्ष में किसी भी समय जांच कर यहां की वर्षा का आनंद ले सकते हैं। परंतु भारत के मानसून के मौसम जून से लेकर सितंबर के मध्य में चेरापूंजी जाने से परहेज करें क्योंकि यहां का वर्षा का प्रतिशत काफी अधिक होता है।

4 मानसून में घूमने की जगह जीरो वैली अरुणाचल प्रदेश

मानसून में घूमने की जगह जीरो वैली फोटो

अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं और चारों तरफ प्रकृतिक हरियाली को देखने का मन है तो आपको जीरो वैली जरूर जाना चाहिए यह एक ऐसा पर्यटन स्थल है जो वर्षा के समय में भारत के मानसून के दिनों में बेहद ही खूबसूरत पर्यटन स्थल हो जाता है इसकी सुंदरता देखते ही बनती है

अगर आप मानसून के समय में इस जगह की यात्रा करेंगे तो निश्चित तौर पर आप इस खूबसूरत यात्रा को कभी भी नहीं भूल पाएंगे। इसके साथ-साथ यहां की झीलों पर नौका विहार का आनंद लेना भी विशेष तौर पर पर्यटकों को आनंदित कर देता है।

दोस्तों  खुशकिस्मती की बात है कि मैं भी जीरो वैली गया था और वह मानसून का ही समय था वहां की प्राकृतिक हरियाली ने मेरे मन में एक विशेष छाप छोड़ी थी मैं भी आपसे यह रिक्वेस्ट करता हूं कि आप एक बार मानसून के समय में जीरो वैली जरूर जाएं।

जीरो वैली में मानसून का समय

जीरो वैली में मानसून का समय जुलाई से अक्टूबर के मध्य होता है। परंतु सितंबर के पखवाड़े में यहां पर भारी बारिश की वजह से कई पर्यटक गतिविधियां रोक दी जाती है।

जीरो वैली अरुणाचल प्रदेश कैसे पहुंचे?
बस परिवहन से जीरो वैली कैसे पहुंचे?

बस के द्वारा ग्राम जीरो वैली अरुणाचल प्रदेश जाना चाहते हैं तो यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है अरुणाचल प्रदेश के लिए मेघालय, असम, नागालैंड से नियमित अंतराल पर बसे चलती रहती हैं।

ट्रेन के द्वारा जीरो वैली कैसे पहुंचे?

ट्रेन के द्वारा अगर आप जीरो वैली अरुणाचल प्रदेश जाना चाहते हैं तो यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन हरमुट्टी रेलवे स्टेशन है जो कि असम में पड़ता है यहां से जीरो वैली की कुल दूरी 60 किलोमीटर है।

हवाई जहाज के द्वारा जीरो वैली कैसे पहुंचे?

हवाई जहाज से पहुंचने के लिए यहां का निकटतम हवाई अड्डा तेजपुर हवाई अड्डा है जोकि यहां से लगभग 260 किलोमीटर की दूरी पर है।

5 बरसात के मौसम में घूमने की सबसे अच्छी जगह उदयपुर

View of City Palace on lake pichola in Udaipur, Rajasthan, India

राजस्थान में बसा उदयपुर अपने शानो शौकत के साथ साथ पर्यटन स्थलों के लिए भी प्रसिद्ध है। बरसात के मौसम में उदयपुर और भी खूबसूरत शहर हो जाता है। अरावली की पहाड़ियों में बसा उदयपुर प्रकृति प्रेमियों के साथ साथ हनीमून कपल्स के लिए भी पसंदीदा जगहों में से एक है।

इसे झीलों का भी शहर कहा जाता है मानसून के समय यहां की झीलें बेहद ही आकर्षक और सुंदर नजर आती हैं जहां पर नौका विहार विशेष तौर पर की जाती है।

उदयपुर में घूमने की प्रमुख जगह

उदयपुर में घूमने की प्रमुख जगह में फतेहसागर झील, गुलाब बाग, मोती मगरी, मानसून पैलेस, पिछोला झील, सिटी पैलेस आदि प्रमुख है।

उदयपुर में मानसून का मौसम 

उदयपुर में मानसून का मौसम जुलाई से सितंबर के मध्य माना जाता है। बरसात के मौसम में यहां का औसत तापमान 25 डिग्री सेंटीग्रेड से 30 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच में होता है जो कि एक सुखद अहसास कराता है।

उदयपुर कैसे पहुंचे?
बस के साधन से उदयपुर कैसे जाएं?

बस के द्वारा अगर आप उदयपुर जाना चाहते हैं तो यह आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है क्योंकि यह सिटी पूरे भारत से बहुत अच्छी तरह से रोड नेटवर्क के द्वारा जुड़ी हुई है दिल्ली मुंबई इंदौर कोटा हैदराबाद से आपको आसानी से बसे मिल जाती हैं।

ट्रेन के साधन से उदयपुर कैसे जाएं?

ट्रेन परिवहन का प्रयोग करके अगर आप उदयपुर पहुंचना चाहते हैं तो यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन उदयपुर है जो कि भारत के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है यहां से आपको भारत के प्रमुख शहरों की नियमित ट्रेनें मिल जाएंगी।

हवाई जहाज के साधन से उदयपुर कैसे जाएं?

अगर आप हवाई जहाज के साधन से उदयपुर पहुंचना चाहते हैं तो यहां का निकटतम हवाई अड्डा महाराणा प्रताप हवाई अड्डा है जो कि मुख्य शहर से लगभग 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह हवाई अड्डा दिल्ली जयपुर मुंबई कोलकाता जैसे देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।

6 बरसात में घूमने की जगह मुन्नार केरल

केरल के सबसे अच्छे और सुंदर पर्यटन स्थलों में से एक मुन्नार वर्ष भर पर्यटक को को आकर्षित करने वाला हिल स्टेशन है। केरल के इडुक्की जिले में स्थित मुन्नार बरसात में घूमने की सबसे अच्छी जगह में से एक है।

मुन्नार समुद्र तल से 16 फीट की ऊंचाई पर स्थित है बरसात के मौसम में यहां की प्राकृतिक सुंदरता और चाय के बागान को देखकर पर्यटक फूले नहीं समाते। यहां के प्राकृतिक नजारे खूबसूरत पहाड़ चारों तरफ फैली हुई हरियाली पर्यटकों को बरबस ही अपनी तरफ आकर्षित करते हैं।

इसके साथ ही मुन्नार में तीन नदियों का संगम स्थल भी है जहां पर पर्यटक जाकर नौका विहार आदि क्रियाएं करते हैं। मुन्नार में काफी अधिक संख्या में हनीमून कपल्स और प्रकृति प्रेमी इस की प्राकृतिक सुंदरता को देखने के लिए पहुंचते हैं।

मुन्नार में घूमने की प्रमुख जगह 

कुंडली नदी में रिवर राफ्टिंग, नल्लाथैनी, मधुरपुजहा, खूबसूरत पहाड़, प्राकृतिक नजारे,

मुन्नार केरल में मानसून का मौसम

मुन्नार केरल में मानसून का मौसम जुलाई से लेकर सितंबर तक होता है यहां पर वर्षा अधिक मात्रा में होती है परंतु आप मुन्नार में बारिश का आनंद लेने के साथ-साथ यहां की खूबसूरत परी दृश्य को देखने के लिए जा सकते हैं।

केरल में मुन्नार घूमने के बारे में जानकारी

मुन्नार केरल कैसे पहुंचे?
हवाई जहाज से मुन्नार कैसे जाएं?

हवाई जहाज के माध्यम से अगर आप मन्नार जाना चाहते हैं तो आपको जानकारी दे दें कि यहां का कोई नजदीकी अपना हवाई अड्डा नहीं है यहां पहुंचने के लिए आपको कोचीन हवाई अड्डा उतरना होगा वहां से मुन्नार की कुल दूरी 115 किलोमीटर की है। कोचीन उतारकर आप स्थानीय साधन या प्राइवेट टैक्सी के माध्यम से मुन्नार आसानी से पहुंच सकते हैं।

ट्रेन के द्वारा मुन्नार कैसे पहुंचे?

ट्रेन के साधन का प्रयोग करके अगर आप मन्नार पहुंचना चाहते हैं तो यहां पर प्रमुख रूप से तीन रेलवे स्टेशन है जहां पर आप उतरकर मुन्नार जा सकते हैं हिल रेलवे स्टेशनों से मुन्नार की कुल दूरी 120 किलोमीटर के आसपास की होती है मदुरई रेलवे स्टेशन अलुवा रेलवे स्टेशन एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन इन तीनों स्टेशनों का प्रयोग करके आप आसानी से पहुंच सकते हैं।

सड़क परिवहन के साधन से मुन्नार कैसे पहुंचे?

सड़क परिवहन का प्रयोग करके अगर आप मन्नार पहुंचना चाहते हैं तो केरल सड़क परिवहन निगम के द्वारा यहां पर नियमित तौर पर बसें चलाई जाती हैं।

07 भारत में बारिश में घूमने की सबसे अच्छी जगह कोडाईकनाल तमिलनाडु

अगर आप बारिश मत का आनंद लेना चाहते हैं तो तमिलनाडु का कोडाईकनाल आपके लिए बेस्ट स्पोर्ट हो सकता है। यहां के पहाड़ बरसात के समय में बेहद खूबसूरत हो जाते हैं चारों तरफ प्राकृतिक हरियाली ही हरियाली दिखाई देती है। अगर आप प्रकृति प्रेमी है और ट्रैकिंग का शौक रखते हैं तो यह आपके लिए बेस्ट स्थानों में से एक है।

खूबसूरत झील की वोटिंग, ट्रैकिंग, माउंटेन क्लाइंबिंग, पिलर रॉक्स, मसरूर कोकर्स वॉक, डेविस किचन

कोडाईकनाल में मानसून का मौसम

यहां का मानसून का मौसम भारत के अन्य राज्यों की अपेक्षा ही जुलाई से सितंबर के मध्य का होता है। बरसात के दिनों में यहां की यात्रा बहुत मनोरंजक हो सकती है। अगर आप स्पोर्ट्स एडवेंचर के शौकीन हैं तो आपको कोडाईकनाल जरूर जाना चाहिए।

08 बरसात में घूमने की प्रमुख जगह माजुली द्वीप असम

अगर आप प्रकृति पर नहीं है और नदियों में शेयर करना और नदियों के बीच में रहना अगर आपको पसंद है तो यह आपके लिए सबसे अच्छे स्थानों में से एक है यह भारत का सबसे बड़ा नदी द्वीप है परंतु अब वर्तमान समय में बहुत तेजी से सिक्योर रहा है।

ब्रह्मपुत्र नदी का यह द्वीप हनीमून कपल्स के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। आप यहां से ब्रह्मपुत्र नदी का बेहद खूबसूरत कल कल करती हुई धाराएं देख सकते हैं इसके साथ ही आप नदी में नौका विहार भी कर सकते हैं।

माजुली द्वीप में घूमने लायक जगह

यहां पर ब्रह्मपुत्र नदी में नौका विहार की सुविधा उपलब्ध है इसके साथ-साथ आप प्राचीन पर्यटन स्थलों की सैर भी कर सकते हैं।

माजुली द्वीप असम में मानसून का मौसम

बरसात के दिनों में माधुरी दीप का औसत तापमान 20 डिग्री सेंटीग्रेड होता है जो कि पर्यावरण प्रेमियों और पर्यटकों के लिए बेहद ही अनुकूल होता है बरसात के दिनों में यहां पर नई ताजगी पर्यटकों का स्वागत करती है।

माजुली द्वीप कैसे पहुंचे?
सड़क परिवहन के माध्यम से माजुली द्वीप कैसे पहुंचे?

सड़क परिवहन से अगर आप राजनीति में आना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको गोवा हटी जाना पड़ेगा गोवा हाटी सही आपको जोरहाट के लिए बसें मिलेंगी और जोरहाट से आप नाव के माध्यम से माजुली द्वीप जा सकते हैं।

ट्रेन के साधन से माजुली द्वीप कैसे पहुंचे?

ट्रेन के माध्यम से अगर आप माधुरी दूर जाना चाहते हैं तो यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन गोवा हटी है गोवा हटी से आप बस के माध्यम से जोरहाट तक पहुंचेंगे।

हवाई जहाज से माजुली द्वीप कैसे पहुंचे?

गुवाहाटी हवाई अड्डे तक आप हवाई जहाज के साधन से आ सकते हैं उसके बाद आपको बस और नाव के माध्यम से माजुली द्वीप पहुंचाया जाएगा।

09 बरसात के मौसम में घूमने की प्रमुख जगह धर्मशाला हिमाचल प्रदेश

धर्मशाला हिमाचल प्रदेश के सबसे खूबसूरत पर्यटन में से एक है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और रहन-सहन पर्यटकों को काफी अधिक संख्या में आकर्षित करते हैं। जो तो यहां पर वर्ष भर पर्यटकों का आना लगा रहता है परंतु बरसात के दिनों में यहां की ताजगी और चारों तरफ फैली प्राकृतिक हरियाली पर्यटकों के मन में एक उमंग का संचार कर देती है।

रहन-सहन के साथ-साथ यहां का जंगल और जंगली जीवो को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखना अत्यंत रोमांचकारी होता है। प्रकृति प्रेमी और हनीमून कपल के लिए अच्छा पर्यटन केंद्र माना जाता है।

धर्मशाला में घूमने की जगह

वन्यजीवों को देखना, खूबसूरत पहाड़ों की यात्रा, दर्शनीय स्थलों की सैर

धर्मशाला में बारिश का मौसम

धर्मशाला में बारिश का मौसम जुलाई से सितंबर तक का होता है बरसात के समय में यहां का औसत तापमान 18 से 22 डिग्री सेंटीग्रेड के मध्य हो जाता है जो कि घूमने के लिए आज से सबसे अच्छा माना जाता है।

धर्मशाला हिमाचल प्रदेश कैसे पहुंचे?
सड़क परिवहन के माध्यम से धर्मशाला कैसे पहुंचे?

अगर आप सड़क मार्ग से दर्द साला आना चाहते हैं तो दिल्ली से चंडीगढ़ किरतपुर और बिलासपुर से लगभग 12 से 13 घंटे में आप धर्मशाला पहुंच सकते हैं दिल्ली और शिमला से कई बसें धर्मशाला के लिए नियमित तौर पर चलती है।

ट्रेन परिवहन के माध्यम से धर्मशाला कैसे पहुंचे?

रेनवाल से अगर आप धर्मशाला आना चाहते हैं तो यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन पठानकोट है जो कि 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

हवाई जहाज के माध्यम से धर्मशाला कैसे पहुंचे?

अगर आप हवाई जहाज के साधन का प्रयोग करके धर्मशाला पहुंचना चाहते हैं तो धर्मशाला से केवल 15 किलोमीटर की दूरी पर गग्गल हवाई अड्डा धर्मशाला को दिल्ली से जोड़ता है। जबकि भारत के अन्य शहरों से अगर आप धर्मशाला आना चाहते हैं तो चंडीगढ़ हवाई अड्डा आपके लिए बेहतर विकल्प रहेगा जो कि धर्मशाला से 280 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

10 बरसात में घूमने की जगह फूलों की घाटी उत्तराखंड

दोस्तों अगर आप प्रकृति प्रेमी है और सुंदर वनस्पतियों और फूलों को देखने का शौक रखते हैं तो यह आपके लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है फूलों की घाटी में बरसात के समय में रंग-बिरंगे और कई किस्म के फूल खिल जाते हैं।

पूरी घाटी में सिर्फ फूल ही फूल नजर आते हैं जिसे देख कर कोई भी आनंदित हो जाता है। फूलों की घाटी हिमालय की सबसे ऊंची घाटी मानी जाती है बरसात के मौसम में यहां के फूलों को देखना बेहद रोमांचकारी होता है।

फूलों की घाटी में देखने की जगह

पूरी घाटी पर फैले हुए सुंदर और विभिन्न प्रकार के फूल

फूलों की घाटी में बरसात का मौसम

दोस्तों अगर आप फूलों की घाटी में घूमने जाना चाहते हैं तो यहां कब बरसात का मौसम जुलाई से सितंबर तक का होता है। वर्षा ऋतु में यहां पर पौधों और फूलों में नहीं जाना जाती है पूरी पूरी घाटी हरे भरे फूलों और रंग-बिरंगे भंवर और तितलियों से भर जाती है।

11 बरसात में घूमने की जगह माउंट आबू

दोस्तो माउंट आबू बरसात में ही नहीं वर्ष भर घूमने वाली घूमने जाने लाइक सबसे अच्छी जगह में से एक माली जाती है माउंट आबू का मौसम अपेक्षाकृत थोड़ा गर्म होता है लेकिन बरसात के दिनों में यहां मौसम सुहावना हो जाता है।

खूबसूरत पर्यटन केन्द्रो के साथ-साथ माउंट आबू में स्पोर्ट्स एडवेंचर भी भरपूर मात्रा में होते है। यहां पर हनीमून कपल्स के साथ-साथ काफी यदि संख्या में पर्यटक भी आते हैं।

माउंट आबू में घूमने की जगह

प्रसिद्ध नौका विहार और दर्शनीय स्थलो की सैर

माउंट आबू में बरसात का मौसम

माउंट आबू में बरसात का मौसम जुलाई से अक्टूबर तक होता है यहां पर बरसात के दिनों में औसत तापमान 18 डिग्री से 22डिग्री के मध्य होता है। भारत के अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा यहां पर और औसतन कम वर्षा होती है परंतु इतनी सी ही वर्षा यहां के मौसम को सुहाना बना देती है।

माउंटआबू में घूमने लायक टॉप 10 खूबसूरत जगहें

माउंट आबू कैसे पहुंचे?

ट्रेन द्वारा माउंट आबू कैसे पहुंचे?

दोस्तो ट्रेन के द्वारा अगर आप माउंट आबू पहुंचना चाहते हैं तो यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन जयपुर और अहमदाबाद में जहां से आप माउंट आबू पहुंच सकते हैं परंतु आप जयपुर और अहमदाबाद के अलावा अन्य किसी शहर से आ रहे हैं तो टैक्सी को प्राथमिकता दें जिससे आपको समय की बचत होगी|

आपको जानकारी देने की नई दिल्ली से अहमदाबाद के लिए चार ट्रेनें चलती हैं|

बस द्वारा माउंट आबू कैसे पहुंचे?

बस द्वारा माउंट आबू आना चाहते हैं तो आप राज्य परिवहन बस निगम की बसों के द्वारा आसानी से यहां पहुंच सकते हैं दिल्ली से उदयपुर की नियमित बसें चलती हैं उदयपुर आने के पश्चात आपको दूसरी बस या टैक्सी करनी पड़ेगी|

नई दिल्ली से माउंट आबू की दूरी 760 किलोमीटर है

हवाई जहाज द्वारा माउंट आबू कैसे पहुंचे?

अगर आप हवाई जहाज के द्वारा माउंट आबू पहुंचना चाहते हैं तो माउंट आबू का कोई हवाई अड्डा नहीं है इसके लिए आपको यहां का निकटतम हवाई अड्डा उदयपुर हवाई अड्डा है जो कि माउंट आबू से लगभग 180 किलोमीटर की दूरी पर है हवाई अड्डे के बाहर से आपको नियमित प्राइवेट कैब और बसें माउंट आबू तक पहुंचा देती हैं|

अगर आप देश के बाहर से माउंट आबू आना चाहते हैं तो आपके लिए अहमदाबाद हवाई अड्डा सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है|

12 बरसात में घूमने की जगह गोवा

Palolem beach in Goa, India

गोवा अपनी नाईट लाइफ और विशेष के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। आप यहां बरसात के दिनों में रिमझिम बारिश सुंदर समुद्री किनारों का आनंद लेने के लिए यहां आ सकते हैं इसके अलावा बरसात के दिनों में यहां पर विशेष प्रकार के व्यंजनों का भी आनंद ले सकते हैं।

गोवा में आप शानदार बीच का नजारा ले सकते हैं इसके साथ-साथ आप विभिन्न प्रकार के स्पोर्ट्स एडवेंचर का भी आनंद ले सकते हैं। यहां पर पैराग्लाइडिंग, वाटर राइटिंग, आदि जंपिंग खेल भी आयोजित किए जाते हैं।

गोवा में बरसात का मौसम

गोवा में बरसात का मौसम जुलाई से सितंबर तक होता है और यहां का वर्षा का का औसत प्रतिशत अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा थोड़ा कम होता है परंतु पर्यटकों को लुभाने के लिए यह काफी होता है। 

गोवा में घूमने जा रहे है तो इन बातो का रखे ध्यान

गोवा कैसे पहुंचे?

13 बरसात में घूमने की जगह मांडू मध्य प्रदेश

Mandu Fortress is an Islamic site from the early 15th century. View of a small tower near the main fortress.

अगर आप बरसात के दिनों में घूमने का आनंद लेना चाहते हैं तो मध्यप्रदेश में मांडू आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। मांडू विंध्य की पहाड़ियों पर स्थित एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यह स्थान अपने आप में कई प्रकार की प्राचीन विरासत ओं को समेटे हुए हैं।

अगर आप प्रकृति प्रेमी होने के साथ-साथ इतिहास में भी रुचि रखते हैं तो आपको मांडू जरूर जाना चाहिए।

मांडू में घूमने की प्रमुख जगह

मांडू में घूमने के लिए आपको कई दर्शनीय स्थल मिल जाएंगे इसके अलावा यहां की प्रसिद्ध जगहों में हिंडोला महल जहाज महल शाही हमाम आदि प्रमुख जगह हैं।

मांडू में बरसात का मौसम

मांडू में बरसात का मौसम जुलाई से सितंबर तक होता है इस दौरान यहां पर चारों तरफ खूबसूरत हरियाली फैल जाती है। जो पर्यटकों को लुभाने के लिए काफी है। अगर आप बरसात के दिनों में किसी शांत जगह की तलाश में हैं तो भी मांडू आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

मांडू कैसे पहुंचे?
सड़क परिवहन के माध्यम से मांडू कैसे पहुंचे?

सड़क परिवहन के माध्यम से अगर आप मांडू पहुंचना चाहते हैं तो मांडू देश के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग उसे अच्छी प्रकार से जुड़ा हुआ है। मांडू का सड़क मार्ग इंदौर और भोपाल से जुड़ा हुआ है आप इन दो शहरों से आसानी से मांडू पहुंच सकते हैं।

हवाई जहाज के माध्यम से मांडू कैसे पहुंचे?

हवाई जहाज के द्वारा अगर आप मांडू आना चाहते हैं तो यहां का प्रमुख नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर हवाई अड्डा है जो कि मांडू से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

रेल परिवहन के माध्यम से मांडू कैसे पहुंचे?

अगर आप ट्रेन से मांडू आना चाहते हैं तो यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन रतलाम है जोकि मांडू से लगभग 108 किलोमीटर की दूरी पर है यहां से आप बस और टैक्सी के माध्यम से मांडू पहुंच सकते हैं।

14 बरसात में घूमने की जगह लोनावाला महाराष्ट्र

दोस्तों अगर आप मुंबई या महाराष्ट्र के आस-पास रहते हैं तो बरसात के दिनों में घूमने की सबसे अच्छी जगह आपके लिए लोनावाला हो सकती है। वर्ष भर यहां का मौसम कुछ गर्म रहता है परंतु बरसात के दिनों में यहां का मौसम बेहद सुहावना हो जाता है।

वर्षा ऋतु में यहां पर पर्यटकों की सबसे अधिक भीड़ देखी जाती है। अगर आप प्रकृति प्रेमी है और गर्मी से राहत पाना चाहते हैं तो इस जगह की शेयर जरूर करें

लोनावाला में घूमने की जगह

ट्रैकिंग हॉर्स राइडिंग भुशी बांध कराला गुफाएं भाजा गुफाएं राजमाची किला खूबसूरत झील आदि।

लोनावाला में बरसात का मौसम

लोनावाला में बरसात का मौसम जुलाई से सितंबर के मध्य होता है परंतु सबसे अधिक वर्षा यहां पर अगस्त के आखिरी सप्ताह में होती है। जिसकी वजह से यहां का पूरा परिदृश्य हरियाली से भरा हो जाता है।

लोनावाला महाराष्ट्र कैसे पहुंचे?
सड़क परिवहन से लोनावाला कैसे पहुंचे?

सड़क परिवहन के साधन से अगर आप लोनावाला जाना चाहते हैं तो यह पुणे मुंबई एक्सप्रेस वे पर स्थित है और खोपोली कर्जत आदि शहरों से अच्छी प्रकार से जुड़ा हुआ है।

रेल परिवहन के साधन से लोनावाला कैसे पहुंचे?

रेल परिवहन के साधन से अगर आप लोनावाला पहुंचना चाहते हैं तो लोनावाला का अपना रेलवे स्टेशन है जो की पूरी तरह से टूरिस्ट को ध्यान में रखकर बनाया गया है यह देश के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों से जुड़ा हुआ है।

हवाई जहाज के साधन से लोनावाला कैसे पहुंचे?

अगर आप फ्लाइट से लोनावाला पहुंचना चाहते हैं तो यहां का निकटतम हवाई अड्डा पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है जो कि लोनावाला के सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है यह लोनावाला से 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

15 बरसात के मौसम में घूमने की प्रमुख जगह कर्नाटक

अगर आप कर्नाटक घूमना चाहते हैं तो सबसे अच्छा विकल्प बरसात के मौसम में रहेगा। बरसात के मौसम में यहां पर पर्यटकों का हुजूम इकट्ठा हो जाता है। खूबसूरत पहाड़ और झरनों का घर कर्नाटक को कहा जाता है। यहां पर खूबसूरत झरनों का पूरा स्वरूप बरसात के मौसम में देखने को मिलता है जिसका दीदार करने के लिए देश-विदेश से पर्यटक यहां पर आते हैं। बरसात के मौसम में यहां का नजारा स्वर्ग के समान हो जाता है। इसके साथ-साथ यहां का सनसेट पॉइंट भी बेहद खूबसूरत है जहां से अरब सागर से डूबते हुए सूरज को आसानी से देखा जा सकता है।

कर्नाटक में घूमने की जगह

कर्नाटक की घूमने के प्रमुख जगहों में यहां के प्राकृतिक झरने, मैसूर पैलेस विट्ठल मंदिर बेंगलुरु पैलेस हंपी मंदिर आदि प्रमुख हैं।

कर्नाटक में बरसात का मौसम

कर्नाटक में बरसात का मौसम जुलाई से सितंबर के मध्य होता है। यहां पर अगस्त 9 सितंबर के बीच में जाना बेहद अच्छा माना जाता है। झरने बरसात के दिनों में पूरी तरह से तेज बहाव के साथ ऊंचाई से गिरते हैं जो देखने में अत्यंत मनोहारी लगते हैं।

16 बरसात में घूमने की जगह कौसानी

बरसात के दिनों में घूमने की प्रमुख जगहों में कौसानी का भी नाम आता है उत्तराखंड में स्थित कौसानी बरसात के दिनों में बेहद खूबसूरत गांव हो जाता है। बरसात के दिनों में से भारत के सबसे खूबसूरत गांव में शुमार किया जाता है। वर्षा ऋतु में तो पहाड़ पर स्थित बने हुए घरों के ऊपर बादल आ कर रुक जाते हैं इसे देखने पर स्वर्ग की अनुभूति होती है। ऊंचे ऊंचे पहाड़ों पर गिरती हुई बारिश की बूंदे बेहद खूबसूरत लगती हैं।

कौसानी में घूमने की प्रमुख जगह

कौसानी में घूमने की प्रमुख जगहों में आप ट्रैकिंग कर सकते हैं इसके अलावा यहां के दर्शनीय स्थलों की सैर भी कर सकते हैं।

कौसानी में बरसात का मौसम

उत्तराखंड में स्थित कौसानी में बरसात का मौसम जुलाई से अक्टूबर तक होता है यहां पर वर्षा और सर से कुछ अधिक होती है पर्यटकों को लुभाने के लिए काफी होती है।

कौसानी कैसे पहुंचे?
सड़क परिवहन के साधन से कौसानी कैसे जाएं?

अगर आप सड़क साधनों का प्रयोग करके कौसानी पहुंचना चाहते हैं तो उत्तराखंड के पड़ोसी राज्यों से यहां के लिए नियमित बसें चलती हैं अगर आप दिल्ली से यात्रा कर रहे हैं तो आप दिल्ली से कौसानी के लिए डायरेक्ट बसे चलती हैं जिनसे आप सफर कर सकते हैं।

ट्रेन परिवहन के साधन से कौसानी कैसे जाएं?

अगर आप ट्रेन से कौसानी पहुंचना चाहते हैं तो यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम रेलवे स्टेशन है जो कि कौसानी से 132 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। काठगोदाम रेलवे स्टेशन भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

हवाई जहाज के द्वारा कौसानी कैसे जाएं?

कौसानी पहुंचने के लिए अगर आप हवाई मार्ग का चुनाव करते हैं तो यहां का निकटतम एयरपोर्ट पंतनगर हवाई अड्डा है जो कि कौसानी से 162 किलोमीटर की दूरी पर है हवाई अड्डे के बाहर से आप प्राइवेट टैक्सी या बस के माध्यम से अपनी मंजिल तक जा सकते हैं।

17 बरसात में घूमने की प्रमुख जगह लद्दाख

बरसात के मौसम में अगर आप घूमने का प्लान करते हैं तो लद्दाख आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है एक अलग रहन-सहन शांति वाला क्षेत्र जहां जाकर आप एकदम से मैं वेशभूषा नए रंगों में ढल जाएंगे। बरसात में जाकर आप यहां पर जो शांति की अपेक्षा करेंगे वह आपको मिल जाती है। खूबसूरत लेक,ऊंचे ऊंचे पहाड़ बरसात के मौसम में इसे और खूबसूरत बना देते हैं।

लद्दाख में घूमने की प्रमुख जगह

अगर आप लद्दाख की यात्रा पर हैं तो यहां की घूमने वाली प्रमुख जगहों में दर्शनीय स्थल की सैर जैसे हेमिस नेशनल पार्क, खारदुंग ला दर्रा, पांगोंग टासो लेक, स्पितुक गोम्‍पा, जास्कर घाटी आदि आदि जगहों पर यात्रा कर सकते हैं।

लद्दाख में बरसात का मौसम

लद्दाख में बरसात का मौसम जुलाई से सितंबर के मध्य होता है क्षेत्र के मैदान में वर्षा कब होती है परंतु व्यवस्था होती है वह को बेहद खूबसूरत पर्यटन केंद्र बना देती है।

लद्दाख कैसे पहुंचे?
सड़क परिवहन के माध्यम से लद्दाख कैसे पहुंचे?

अगर आप सड़क परिवार के माध्यम से लद्दाख आना चाहते हैं तो यहां के दो रूप आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं पहला रोड श्रीनगर से लेकर मध्य और दूसरा रूप मनाली से लेकर मध्य होता है इसके अलावा जम्मू श्रीनगर और दिल्ली से लद्दाख के लिए सीधी बसें चलती हैं।

इसके अलावा अगर आप पर्सनल कार से लद्दाख की यात्रा कर रहे हैं तो इस बात का विशेष ध्यान दें कि आपके पास ईंधन की पर्याप्त व्यवस्था हो चुकी इस रास्ते पर बहुत कम पेट्रोल पंप आपको मिलेंगे।

रेल परिवहन के माध्यम से लद्दाख कैसे पहुंचे?

रेल परिवहन के साधन से अगर आप लद्दाख जाना चाहते हैं तो यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन जम्मू तवी रेलवे स्टेशन में जो कि लद्दाख से करीब 700 किलोमीटर की दूरी पर है इससे आगे का सफर आपको तय करने के लिए टैक्सी और बस का सहारा लेना पड़ेगा।

हवाई जहाज के माध्यम से लद्दाख कैसे पहुंचे?

हवाई जहाज के माध्यम से अगर आप लद्दाख पहुंचना चाहते हैं तो यहां का नजदीकी हवाई अड्डा लेह है ले से भारत के प्रमुख शहरों की नियमित लाइटें उपलब्ध होती हैं हालांकि सर्दी और गर्मी में फ्लाइट के टाइमिंग में अंतर हो सकता है लेह का बकुलारिंपूची हवाई अड्डा लद्दाख पहुंचने का बेहतर विकल्प माना जाता है।

लेह लद्दाख की खूबसूरत घूमने लायक जगहें

 18 बरसात के मौसम में घूमने की प्रमुख जगह महाबलेश्वर

Photo taken in Mahabaleshwar, India

महाबलेश्वर महाराष्ट्र राज्य में स्थित एक प्रमुख हिल स्टेशन है जो कि बारिश के मौसम में बेहद सुहावना और आकर्षक हो जाता है। महाराष्ट्र में मानसून के मौसम में यहां पर भारी संख्या में पर्यटक आ जाते हैं यहां के हरे भरे माहौल को देखकर उन्हें एक नई ताजगी का एहसास होता है अगर आप बरसात में घूमने की जगह तलाश रहे हैं और महाराष्ट्र की यात्रा पर है तो महाबलेश्वर आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। बरसात के सीजन में आप यहां के दर्शनीय स्थलों की सैर का आनंद ले सकते हैं।

महाबलेश्वर में घूमने वाली जगह में महाबलेश्वर स्ट्रॉबेरी एक खूबसूरत नदियों और शानदार झरनों के साथ-साथ ऊंची ऊंची ऊंची ऊंची चोटिया भी पर्यटकों का स्वागत करती हैं।

महाबलेश्वर में मानसून का मौसम

महाबलेश्वर में मानसून का मौसम जुलाई से सितंबर तक का माना जाता है यहां पर वर्षा अच्छी खासी हो जाती है जुलाई और सितंबर के मानसून के महीनों के दौरान यहां का तापमान 20 डिग्री सेंटीग्रेड के आसपास रहता है। महाबलेश्वर की ऊंची चोटियों की वजह से यहां पर वर्षा ऋतु में चारों तरफ धुंध ही धुंध दिखाई देती है।

महाबलेश्वर कैसे पहुंचे?

वायु मार्ग से अगर आप महाबलेश्वर हिल स्टेशन की यात्रा करना चाहते हैं तो यहां का नजदीकी एयरपोर्ट पुणे एयरपोर्ट है जो कि यहां से 131 किलोमीटर की दूरी पर है पुणे एयरपोर्ट के लिए दिल्ली कोलकाता चेन्नई बेंगलुरु जयपुर जैसे देश के प्रमुख एयरपोर्ट की नियमित लाइट चलती हैं।

रेल मार्ग से अगर आप महाबलेश्वर जाना चाहते हैं तो यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन हुआ था रेलवे स्टेशन है जो कि महाबलेश्वर से 60 किलोमीटर की दूरी पर है पुणे और मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेनें वार्थर रेलवे स्टेशन आती हैं।

सड़क मार्ग से अगर आप महाबलेश्वर आना चाहते हैं तो यहां की सड़कें मुंबई पूरी नासिक पंचगनी सतारा और कोल्हापुर जैसे महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों से भली प्रकार से जुड़ी हुई हैं आप मुंबई से महाबलेश्वर जा रहे हैं तो मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे के माध्यम से महाबलेश्वर जा सकते हैं।

 19 बरसात में घूमने लायक प्रमुख जगह शिलांग

A bird’s eye view of Shillong city from Ghat road, Meghalaya, India.

शिलांग यूट्यूब पर्यटकों और हनीमून कपल्स के लिए बेस्ट पिकनिक स्पॉट माना जाता है परंतु रोचक बात यह है कि मानसून के मौसम में भी घूमने की सबसे अच्छी जगह में से एक है यहां के खूबसूरत झरने सजी हुई चारों तरफ सुंदर पहाड़ियां हरे भरे प्राकृतिक दृश्य के साथ या दुनिया के सबसे अच्छे पर्यटन केंद्रों में से एक है। यहां पर काफी अधिक संख्या में प्रकृति प्रेमी और वन्यजीवों में उत्साह रखने वाले लोगों के साथ साथ हनीमून कपल भी आते हैं।

शिलांग में घूमने की प्रमुख जगह

यहां की घूमने की प्रमुख एलीफेंट फॉल्स शिलांग की उमियम झील डॉन बॉस्को म्यूजियम मावसी ना राम ट्रैकिंग नौका विहार आदि जगह हैं।

शिलांग में मानसून का मौसम

दोस्तों अगर आप शिलांग में घूमने जाना चाहते हैं और बरसात का आनंद लेना चाहते हैं तो यहां पर मानसून का मौसम जुलाई से सितंबर तक होता है। बरसात के मौसम में यहां पर भारी वर्षा होती है और तापमान में बेहद कमी आ जाती है जिससे कि यहां का तापमान 12 डिग्री सेंटीग्रेड से 15 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच हो जाता है।

शिलांग कैसे जाएं?

वायु मार्ग से

वायु मार्ग से नाराज शिलांग पहुंचना चाहते हैं तो यहां का नजदीकी एयरपोर्ट उमरोई हवाई अड्डा है। भारत के अन्य शहरों से इस एयरपोर्ट की सीमित कनेक्टिविटी है। गुवाहाटी हवाई अड्डा अन्य एयरपोर्ट से अच्छी प्रकार से जुड़ा हुआ है और शिलांग से इसकी दूरी मात्र 100 किलोमीटर की है इसलिए हवाई मार्ग से यहां पहुंचने के लिए गुवाहाटी एक बेहतर विकल्प होता है।

सड़क मार्ग से

सड़क मार्ग से खराब सलाम आ रहे हैं तो यह गुवाहाटी मार्ग पर पड़ने वाला पर्यटन स्थल है आप गुवाहाटी से आसानी से सलाम के लिए निजी बस से ले सकते हैं इसके अलावा अगर आप ग्रुप में है तो टैक्सी किराए पर लेकर भी सड़क परिवहन का अच्छा प्रयोग करते हुए आप शिलांग आ सकते हैं।

रेल यातायात से

रेल परिवहन के द्वारा शिलांग आना चाहते हैं तो यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन गुवाहाटी है गुवाहाटी से शिलांग की दूरी 100 किलोमीटर की है यहां से आप शिलांग जाने के लिए निजी टैक्सी या बस के माध्यम का प्रयोग कर सकते हैं।

20 बरसात में घूमने की प्रमुख जगह पंचमढ़ी

मध्य प्रदेश के सबसे अच्छे पर्यटन केंद्रों में से एक पंचमढ़ी बरसात के मौसम में भी घूमने की सर्वश्रेष्ठ देशों में से एक है यह एक खूबसूरत हिल स्टेशन मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित है पंचमढ़ी कई प्राचीन स्थलों के साथ-साथ अपने प्राकृतिक आकर्षणों के लिए भी जाना जाता है। बरसात में यहां जाना विशेष तौर पर प्रकृति प्रेमियों के लिए अच्छा होता है।

पंचमढ़ी में घूमने की प्रमुख जगह

पंचमढ़ी में घूमने के लिए प्रकृति प्रेमियों के लिए यहां काफी कुछ है यहां पर कई प्राचीन दर्शनीय स्थलों के साथ-साथ विशेष प्रकार के मंदिर भी हैं जो कि काफी प्राचीन है। इसके साथ-साथ यहां पर प्रकृति का दिया हुआ अनमोल खजाना भी पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण से कम नहीं है।

पंचमढ़ी में बरसात का मौसम

पंचमढ़ी में बरसात का मौसम जुलाई से सितंबर तक का माना जाता है इस समय यहां पर मध्यम वर्षा होती है और आमतौर पर यहां का तापमान 20 डिग्री से 25 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहता है।

पंचमढ़ी कैसे पहुंचे?

के मौसम में पचमढ़ी की यात्रा करना चाहते हैं और रेल परिवहन के द्वारा पंचमढ़ी पहुंचना चाहते हैं तो यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन पिपरिया रेलवे स्टेशन है जोकि इटारसी खंडवा भोपाल होशंगाबाद ग्वालियर और जबलपुर रेलवे स्टेशनों से जुड़ा हुआ है। पचमढ़ी पिपरिया से आप पंचमढ़ी 2 से 3 घंटे के सड़क परिवहन के साधनों का प्रयोग करके पहुंच सकते हैं।

वायु मार्ग अगर आप पंचमढ़ी पहुंचना चाहते हैं तो यहां का नजदीकी हवाई अड्डा भोपाल है जो कि पंचमढ़ी से लगभग 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

इसके अलावा सड़क परिवहन से अगर आप पंचमढ़ी जाना चाहते हैं तो आपको पिपरिया पहुंचना पड़ेगा पिपरिया से आप आसानी से पंचमढ़ी पहुंच सकते हैं और यह रास्ता पर्यटन प्रेमियों के लिए खास होता है इस रास्ते के दौरान आपको कई प्रकार के पहाड़ नदी झरने दिखाई देते हैं। पंचमढ़ी पहुंचने का यह सबसे अच्छा साधन माना जाता है।

21 बरसात के मौसम में घूमने की प्रमुख जगह ओरछा

दोस्तों अगर आप बरसात के मौसम में घूमने का आनंद लेना चाहते हैं तो और छाप के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। 15 से 1 ईसवी में यहां के राजा रूद्रप्रसाद द्वारा बसाया गया यह शहर पहाड़ियों से घिरा होने के साथ-साथ बेतवा नदी किनारे स्थित है यहां पर कस्टर्ड सेव की मीठी खुशबू आपको हर जगह महसूस होती है।

ओरछा में कई प्राचीन स्मारकों के साथ-साथ यहां पर विशाल रामराजा का मंदिर भी है जो कि यहां का प्रमुख आकर्षण है। इसके साथ यहां पर महारानी का किला भी पर्यटकों के लिए कौतूहल का विषय रहता है। ओरछा मध्य प्रदेश में स्थित है परंतु इसका निकटतम रेलवे स्टेशन झांसी है जो कि यहां से मात्र 18 किलोमीटर की दूरी पर है।

ओरछा में बरसात का मौसम?

ओरछा में बरसात का मौसम जुलाई से लेकर सितंबर तक होता है यहां पर सामान्य से कुछ कम वर्षा होती है और तापमान 20 डिग्री से 30 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच में रहता है। अगर आप प्राचीन धरोहरों को देखने के शौकीन है तो एक बार आपको ओरछा जरूर जाना चाहिए।

ओरछा कैसे पहुंचे?

वायु मार्ग से अगर आप ओरछा आना चाहते हैं तो यहां का निकटतम हवाई अड्डा खजुराहो है जो कि यहां से 164 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है खजुराहो एयरपोर्ट दिल्ली बनारसी और आगरा से नियमित उड़ानों के द्वारा जुड़ा हुआ है।

सड़क परिवहन से अगर आप ओरछा आना चाहते हैं तो यह झांसी खजुराहो मार्ग पर स्थित है यहां पर नियमित बस सेवाए ओरछा और झांसी को जोड़ते हैं।

रेल परिवहन के द्वारा यहां आने का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन झांसी है जो कि मात्र 19 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है झांसी दिल्ली आगरा भोपाल मुंबई ग्वालियर आदि प्रमुख रेलवे लाइनों से अच्छी प्रकार जुड़ा है।

22 बरसात में घूमने के लिए प्रमुख ज्योतिर्लिंग बैजनाथ धाम देवघर झारखंड

अगर आप वर्षा ऋतु का आनंद लेना चाहते हैं और यह भी चाहते हैं कि इस दौरान आप किसी प्राचीन धार्मिक स्थल का भी दौरा करें तो देवघर आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है यहां पर सावन के महीने में चलने वाली कावड़ यात्रा विश्व प्रसिद्ध है जो कि दुनिया की सबसे बड़ी कावड़ यात्रा मानी जाती है यह 1 महीने तक निरंतर चलती रहती है।

सावन के महीने में जब बादल रिमझिम बारिश कर रहे होते तो यहां के यहां पर भक्तों का जमावड़ा लगभग 116 किलोमीटर की पैदल यात्रा करके बाबा धाम का नारा लगाते हुए देवघर पहुंचता है। यात्रा कई प्रकार के झरनों पहाड़ों और नदियों के बीच से होकर गुजरती है जो कि ट्रैकिंग और पर्यटन प्रेमियों के लिए एक आदर्श माहौल तैयार करती है।

देवघर में घूमने की जगह

देवघर में घूमने की जगह में प्रमुख रूप में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बैजनाथ धाम की यात्रा है बाबा बैजनाथ के विशाल मंदिर प्रांगण में लगभग सभी देवी देवताओं की मूर्तियां विराजमान है सावन के महीने में यहां पर लगभग 4 से 5 लाख श्रद्धालु बाबा बैजनाथ के दर्शन करते हैं।

बैजनाथ धाम कैसे पहुंचे?

रेल द्वारा अगर आप देवघर पहुंचना चाहते हैं तो यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन देवघर है जो कि यहां से 7 किलोमीटर की दूरी पर है।आप नई दिल्ली मुंबई कोलकाता वाराणसी और भुवनेश्वर जैसे कई बड़े शहरों से आसानी से देवघर पहुंच सकते हैं।

सड़क परिवहन से अगर आप देवघर बैजनाथ धाम के लिए आना चाहते हैं तो यहां झारखंड राज्य सड़क परिवहन निगम की और स्थानीय बसें नियमित तौर पर देश के कई कोनों से चलती रहती हैं।

वायु मार्ग से यहां पहुंचने का निकटतम हवाई अड्डा लोकनायक जयप्रकाश हवाई अड्डा पटना है जो कि यहां से 274 किलोमीटर की दूरी पर है।

तो दोस्तों यह रही बरसात के मौसम में घूमने जाने लायक कुछ प्रमुख जगहों के बारे में जानकारी मानसून के मौसम में घूमने का आनंद लेने के लिए हमारी तरफ से यह जानकारी आपके काम आ सकती है।

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