गुप्त गोदावरी जहां पर श्री राम जी के दर्शनों के लिए गोदावरी नदी गुप्त रूप से प्रकट हुई थी

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गुप्त गोदावरी के बारे में जानकारी

गुप्त गोदावरी चित्रकूट में स्थित एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। मध्य प्रदेश के जिले चित्रकूट से एक रहस्यमई नदी निकलती है इस नदी के कई राज़ हैं जिनको आज तक कोई सुलझा नहीं पाया है। यूपी के रामघाट से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर विंध्य पहाड़ियों के पन्ना श्रेणी की गुफाओं में एक गुप्त गुफा स्थित है इस गुप्त गुफा को गुप्त गोदावरी के नाम से जाना जाता है। यह जगह हिंदुओं के लिए अति विशिष्ट स्थानों में से एक है। इस जगह के बारे में यह कहा जाता है कि यहां पर भगवान श्री राम ने कुछ पल के लिए अपना दरबार लगाया था। गुप्त गोदावरी यहीं पर प्रकट होती हैं और यहीं पर ही अदृश्य भी हो जाती हैं। प्राकृतिक तौर पर निर्मित इस गुफा में आपको कई चौंकाने वाली और रहस्यमई चीजें भी देखने को मिल जाती हैं गुप्त गोदावरी के अपना पौराणिक इतिहास आज भी लोगों को खींच लाता है।

गुप्त गोदावरी की गुफा

गुप्त गोदावरी मुख्य तौर पर दो गुफाओं में दिखाई देती है पहली गुफा जो थोड़ी ऊंचाई पर है जबकि दूसरी गुफा उसके निचले हिस्से में बनी हुई है पहली गुफा में पानी काफी कम मात्रा में दिखाई देता है जबकि नीचे वाली गुफा में पानी घुटनों तक होता है। ऐसा माना जाता है कि गुप्त गोदवा गोदावरी गुप्त रूप से भगवान श्री राम जी के दर्शन करने के लिए यहां पर प्रकट हुई थी और यही पर लुप्त भी हो गई थी। 

वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए गुप्त गोदावरी का रहस्य

तमाम तरह के शोध भी गुप्त गोदावरी की गुफाओं में हो चुके हैं परंतु अभी तक इस विषय में कोई स्पष्ट रूप से जानकारी नहीं दे पाया है कि यह नदी का पानी कहां से आता है और कहां जाता है गुप्त गोदावरी नदी का पानी निचले तल पर जाकर पीपल के पेड़ के पास समाप्त हो जाता है। ऊपर के तल से बहता हुआ पानी एक कुंड में आकर गिरता है उस कुंड को सीताकुंड भी कहा जाता है इसके बाद थोड़ी दूरी पर जाकर पानी लुप्त हो जाता है।

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भगवान श्री राम की वजह से प्रसिद्ध हुई है गुफा

गुप्त गोदावरी का इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है जब भगवान श्री राम अपनी वनवास यात्रा के दौरान कुछ पल के लिए यहां पर आए थे। ऊंची चट्टान पर स्थित यह गुफा अनेक आश्चर्य से भरी हुई है। गुप्त गोदावरी के प्रमुख द्वार एकमात्र है आप यहीं से प्रवेश करते हैं और यहीं से आपको वापसी भी करनी होती है जो कि काफी सकरा भी है आप एक बार में एक ही व्यक्ति प्रवेश कर सकते हैं।

पास ही में स्थित स्वयंभू प्राचीन शिवलिंग

पहली प्रमुख गुफा से जब आप बाहर निकलेंगे तो नीचे की तरफ दूसरी गुफा के प्रवेश द्वार पर ही स्वयंभू प्राचीन शिवलिंग विराजमान है यह शिवलिंग काफी प्राचीन है इसके दर्शन करने के पश्चात ही भक्त दूसरी गुफा में जाते हैं जहां पर गुप्त गोदावरी नदी स्थित है।

गुप्त गोदावरी के आसपास का दृश्य है बड़ा ही प्राकृतिक और मनोरम

गुप्त गोदावरी नदी विंध्य पहाड़ी पर स्थित है इसके आसपास का नजारा बड़ा ही शांत और प्राकृतिक है। जहां पर आकर आप एक सुकून देने वाली शांति का अहसास करेंगे। प्रमुख गुफा तक पहुंचने के लिए आपको लगभग 100 सीढ़ियां चढ़ने पड़ती हैं।

गुप्त गोदावरी के रास्ते में हैं कई दुकानें

गुप्त गोदावरी नदी के रास्ते में कई दुकानें मिल जाती हैं इन दुकानों पर आपको पूजन सामग्री की दुकानें काफी अधिक संख्या में मिलेंगे इसके अलावा यहां पर प्रसाद के रूप में चूड़ी सिंदूर और लइया चढ़ाई जाती है। जहां पर बच्चे आपको रास्ते पर यह प्रसाद का सामान बांटते हुए आसानी से मिल जाएंगे इसके अलावा यहां पर बंदरों की संख्या बहुतायत में होती है इसलिए आप अपने सामान का विशेष ध्यान रखें।

गुप्त गोदावरी फोटो
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गुप्त गोदावरी के दर्शन के लिए जा रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान
  • गुप्त गोदावरी काफी संकरी गुफा है इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखें कि सांस के मरीज गुप्त गोदावरी के दर्शन के लिए भीड़भाड़ के समय ना जाए इससे आप को सांस लेने में तकलीफ हो सकती हैं।
  • अगर आपको पैरों में दिक्कत है तो भी गुप्त गोदावरी के दर्शनों के लिए ना जाए क्योंकि यहां पर दर्शन नंगे पांव चल कर किया जाता है गुफा के अंदर का रास्ता अधिक संकरा और कठोर पत्थरों से भरा हुआ है।
  • अगर आप गुप्त गोदावरी की यात्रा के लिए जा रहे हैं तो गुफा में प्रवेश करने के बाद गुफा के अंदर विभिन्न स्थानों पर स्थित पंडा लोगों से अधिक सतर्क रहें या आप से दान दक्षिणा के नाम पर अधिक पैसे ले सकते हैं।
  • अधिक भीड़भाड़ होने पर विशेषकर दीपावली के समय परिवार के साथ गुप्त गोदावरी के दर्शन यात्रा करने से बचें। यहां पर लोगों की बहुतायत संख्या की वजह से बच्चे वगैरह परेशान हो सकते हैं।
  • अधिक उम्र के लोग गुप्त गोदावरी की यात्रा करने से बचें। यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली कठिनाइयों की वजह से उन्हें अधिक तकलीफ हो सकती है। गुफा का शंकरा मार्ग भी उनके दर्शन में बाधा बनता है। 
गुप्त गोदावरी चित्रकूट कैसे पहुंचे?

सड़क परिवहन से गुप्त गोदावरी कैसे पहुंचे?

सड़क परिवहन से अगर आप गुप्त गोदावरी पहुंचना चाहते हैं तो चित्रकूट मुख्य मार्ग से आप यहां पहुंच सकते हैं इसके अलावा इलाहाबाद हाईवे मार्ग से भी आप गुप्त गोदावरी पहुंच सकते हैं।

अगर आप लोकल साधन का प्रयोग करते हैं तो आप रामघाट से ऑटो या टेंपो कर सकते हैं इसके अलावा अगर आप चाहे तो पूरा चार धाम चित्रकूट के दर्शन के लिए ऑटो रिजर्व कर सकते हैं इसका किराया भी काफी कम होता है जो कि लगभग ₹100 प्रति व्यक्ति होता है।

हवाई जहाज के साधन से गुप्त गोदावरी कैसे पहुंचे?

हवाई जहाज के साधन से अगर आप गुप्त गोदावरी पहुंचना चाहते हैं तो चित्रकूट का कोई अपना हवाई अड्डा नहीं है निकटतम हवाई अड्डा इलाहाबाद हवाई अड्डा है जो कि यहां से लगभग 110 किलोमीटर की दूरी पर है इसके अलावा खजुराहो एयरपोर्ट भी 190 किलोमीटर की दूरी पर है।

रेल परिवहन के साधन से गुप्त गोदावरी कैसे पहुंचे?

रेल परिवहन के साधन से गुप्त गोदावरी पहुंचना चाहते हैं तो यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन चित्रकूट धाम कर्वी है यहां से गुप्त गोदावरी की गुफा लगभग 32 किलोमीटर दूर है।

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